मै तो शब्दों की तलाश में ही भटक रहा था जालिम, और तुम किताबो का जखीरा ले आये,
आज पता चला कि तुम्हारा एक सपना पूरा हुआ, दुःख हुआ कि सपने सजोने का कारण तो बना पर पूरा करने में साथ ना दे पाया, कारण कुछ भी रहे हो, तुम दूर गयी या मै, अगर मै अभी हुए सुख और तुम्हारे जाने के बाद हुए दुःख दोनों को आँकू तो अभी हुए सुख से खुश ज्यादा हूँ। आज यूँ ही दिल उदास था, शायद वो नायिका अपने नायक से कुछ कहना चाह रही हो पर कह तो नही सकती ना, ना कहने की कसम जो खा रखी है, उस उदासी में तुम्हे ढूढ़ते ढूढ़ते तुम्हारे सपनो की उड़ान तक पहुंच गया, जी किया अभी के अभी पूरी किताब बाच लूँ , पर ना पढ़ने का फैसला किया , हा तुम्हारा कवर नोट रोज पढूंगा, मै ये सब लिखते लिखते रो रहा हूँ पर मुस्कुरा भी रहा हूँ तुम्हे महसूस करके, आज ये एहसास होने लगा है कि कोई मेरा नही हो सकता, या शायद मै किसी के लायक नही,
फिर भी मै चाहूंगा कि राह में यूँ ही चलते चलते हम एक दिन टकराये, और मै तुम्हारे कंधे पर सर रख खूब रोऊँ, और तुमसे पूछूं कि तुम्हे इतना यकीन मुझपे कैसे है कि तुम्हे बिना महसूस किये रह सकता हूँ मै, जबकि मुझे हर वक़्त ये लगता है कि जब तुम रास्ते भटक जाती होगी तो घर तक कौन ले जाता होगा, मुझे नही पता तुम मुझे अब पढ़ती भी हो या नही, झांकती भी हो या नहीं, पर पूरा यकीन है कि तुम्हारी याद में लिखी हर एक पंक्ति, हर एक शब्द तुम्हे पढ़ाऊंगा एक दिन।
मुझे पता है तुम वापस नही आओगी, पर यकीन है कि तुम एक ना एक दिन फिर से टकराओगी, मै तुम्हे ढूढ़ना चाहू तो कभी भी ढूंढ़ सकता हूँ , पर तुम्हे पाना चाहता हूँ , ढूढ़ना नही। आज सालो बाद इतना कुछ लिखने का साहस कर पाया हूँ, हर रोज कलम उठाता था, पर तुमपे कुछ लिखने के लिए शब्द ढिगने पड़ जाते थे , आज चूँकि अपने बारे में लिख रहा हूँ इसलिए इतना कुछ लिख लिया, तुम मुझसे लाख गुनी अच्छी हो, देखो तो पूरी किताब लिख डाली , अब कुछ नही लिखना, हो सके तो पढ़ लेना ये सब कुछ, बताने की जरुरत नही, एहसास हो जायेगा मुझे अगर तुम्हारी आँखे यहाँ से होकर गुजारी तो ,
तुम इसलिए गयी थी ना कि तुम्हारे होते हुए मै , मै नही बन पा रहा हूँ, पूरी दुनिया से मै कही खो ना जाऊं , इसलिए मेरी जिंदगी से तुम खो गयी, देखो ना तुम्हार्रे बिना मै अब भी तो मै नहीं, हा अब तुम्हारे सहारे की जरुरत कम हो गयी है, तुम्हारी यादों ने वो जिम्मा ले रखा है, और बखूबी जिम्मेदारी निभा भी रहा है, पर यादो को तो तुम जानती हो ना , बड़े बेवफा होते हैं, कही किसी काम में उलझ जाऊ तो साथ छोड़ देते हैं, तुम होती तो कभी साथ ना छोड़ती, छोडो अब कुछ नही लिखूंगा, तुम खुद समझ लेना अब !!
तुम इसलिए गयी थी ना कि तुम्हारे होते हुए मै , मै नही बन पा रहा हूँ, पूरी दुनिया से मै कही खो ना जाऊं , इसलिए मेरी जिंदगी से तुम खो गयी, देखो ना तुम्हार्रे बिना मै अब भी तो मै नहीं, हा अब तुम्हारे सहारे की जरुरत कम हो गयी है, तुम्हारी यादों ने वो जिम्मा ले रखा है, और बखूबी जिम्मेदारी निभा भी रहा है, पर यादो को तो तुम जानती हो ना , बड़े बेवफा होते हैं, कही किसी काम में उलझ जाऊ तो साथ छोड़ देते हैं, तुम होती तो कभी साथ ना छोड़ती, छोडो अब कुछ नही लिखूंगा, तुम खुद समझ लेना अब !!
सुनो अब भी वही छोटी बच्ची ही तो हो ना तुम ?
"एक नायक अपनी नायिका के लिए "