Friday, 5 August 2016

उत्तम प्रदेश का शाह मत

माननीय अमित शाह जी,
मैं  आज तक कभी आपसे नही मिला, बहुत कुछ ना  ही जानता  हूँ, ना  बहुत कुछ पढ़ा है आपके बारे में, पर इतना जरूर जानता  हूँ  कि कूट और  राजनीति में आपका कोई सानी  नहीं है , लालू यादव के बाद अगर मैं  किसी को खाटी  राजनेता मानता  हूँ तो आपको, और ये आपने  पिछले कुछ सालो में सिद्ध  भी कर दिया है, राजनितिक रूप से कोई कितना भी विरोध आपका करे पर वो आपके कुटिलता को नकार नही सकता, कश्मीर से लेकर असम  तक जो दिया आपने जलाया  है वो काबिले गौर और तारीफ है, अगर मैं  बिहार और दिल्ली के  दर्द  को शामिल ना  करूँ तो गिनवाने के लिए ढेर सारी  उपलब्धियां हैं , और यही वजह है कि आज तक भाजपा का कोई नेता उंगली नहीं उठा पा  रहा, पर आने वाला साल और उसमे होने वाले चुनाव आपके लिए सबसे अहम् है।  
         अगर मैं  आगामी  चुनाव की बात करू तो सबसे अहम् है अक्लेश  के उत्तम प्रदेश का चुनाव , उत्तर प्रदेश की लड़ाई जितनी  उलझी है उतनी ही सुलझी हुई भी, लड़ाई  आमने सामने की भी है तो भीतर घात  की भी, आमने सामने की लड़ाई को आप जीत  भी लेंगे पर  भीतरघात  का अंदाजा  लगाना बड़ा मुश्किल है, वो भी ऐसे प्रदेश में जहा हर इंसान अपने आप को राजनीतिज्ञ ही समझता है, जिस सैलाब ने विरोधियो को किनारे तक का नही छोड़ा था लोक सभा चुनाव में, वो अब आने से रहा, क्योंकि २ साल  में बहुत कुछ बदल चुका  है, लोग खिसियाये हुए हैं बीजेपी से , क्योंकि यूपी  बिहार के गरीब तबके के युवाओ ने सिर्फ अपना पाला  इसलिए बदला था कि  उन्हें उनके घर में रोजगार मिलेगा, जो कि  कही से भी होता हुआ नही दिखता , हालाँकि इसमें बहुत समय लगता है पर जिस तरह से सपने दिखाए गए थे, उन सपनो को जनता भूल नही पा  रही है।
अगर जमीनी स्तर  की बात करूँ तो एक उज्ज्वला  योजना को छोड़कर कोई ऐसी योजना नही दिखती जो सीधे गरीब के पेट और दिल दोनों को छुए। और वो उज्ज्वला  भी कहा तक प्रज्वलित हुई है या  हो रही है कहना मुश्किल है।  तब एक हिंदुत्व का चेहरा था और साथ में विकास का वादा भी, अब ना  ही आपके पास कोई चेहरा है ना  ही भरोसा दिलाने वाला वादा।  और शायद इसी वजह से अभी तक किसी नाम तक आप लोग पहुचे नही हैं , ले दे के एक योगी आदित्यनाथ का नाम बार बार घूमता है जिनकी स्वीकार्यता पूर्वांचल में बहुत है पर पश्चिम में उतनी ही कम  और उनके अंदरूनी विरोधी भी बहुत हैं  पश्चिम में।  कोई आयातित नेता तो बिल्कुल  नहीं चलेगा ना  ही आप उसको चलाने  की कोशिश करेंगे क्योंकि दूध का जल छाछ भी फूंक  फूंक  कर पीता  है।   
      मुझे पता नही पर ऐसा लगता है कि  मोदी जी या आपने  राजनाथ सिंह को पटाने की कोशिश करी  होगी, वो मान  भी जाते पर केंद्र की राजनीति  से दूर होने का भय उनको हमेशा सताता  है, हालाँकि अगर वो मान  जाते हैं तो भाजपा के लिए एक बेहतर विकल्प होगा, क्योंकि उनसे बड़ा घाघ नेता उत्तर प्रदेश में कोई है तो सिर्फ मुलायम सिंह यादव, पर राजनाथ जी का भाग्य उन्हें मुलायम से आगे जरूर रखेगा हर कदम पर।  ऐसा भी हो सकता है की वो मान  गए हो और उसी के क्रियान्वयन स्वरुप उन्होंने  पाकिस्तान में दहाड़ता हुआ भाषण दिया और सही समय आने पर उनकी ताजपोशी कर दी जाये, और उनके आने से भाजपा के जीतने  की संभावनाएं प्रबल होंगी और अगर वो किन्ही कारन वश नही आते हैं तो आपसे एक गुजारिश करूँगा कि  किसी और का नाम  आगे करने की बजाय आप अमित भाई शाह यानि खुद को मुख्य मंत्री का प्रत्याशी घोषित करियेगा बिना दाये  बाये सोचे , मुझे पता है कि  संगठन की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है आपके पास पर उत्तर प्रदेश चला गया तो धीरे धीरे संगठन भी कुतरने लगेगा और 2019  की पटकथा कोई और ही लिखेगा।  यहाँ के छुटपुन्जिये नेता बिहार के नेताओ की तरह हैं, उनको काम नही आका  जा सकता, और उनपर नियंत्रण भी कोई छोटा मोटा नेता नहीं रख पायेगा, उसके लिए राजनाथ जी जैसा महीन या आप जैसा बीहड़ नेता चहिये, ये मेरी सलाह और राजनितिक अनुभव है, बाकि आप को कोई क्या बता पायेगा भला ?
और अगर किसी कारण  वश आपने बिना नाम या किसी और नाम के चुनाव लड़ा तो कम  से कम  मुझे जीत  दूर दिखाई देती है , हालाँकि जिंदगी के हर पहलु में आप मुझसे बीस  हैं पर कभी कभार 18, 19  की गिनतियों पर भी दांव लगा देना चहिये, वो भी तब जब कोई और दांव आपके अगले कई साल लिखने वाला हो , बाकि जो है सो हइये  है .???? 

रातो रात दिग्विजय से खड्गे ?

                                                रातो रात दिग्विजय से खड्गे  ? एक बार फिर कांग्रेस में या यूँ कहें कि परिवार में राहुल गाँधी ...