अखिलेश को जो मुलायम खटिया उपहार स्वरुप 2012 में मिली थी, उसे दुबारा बुनने का वक़्त आ गया है, फर्क इतना है तब ताना बाना मुलायम था, अब थोड़ा कड़ा और टेढ़ा, कड़ा इसलिए क्योंकि अब सामने एक नही तीन तीन तैयार दुश्मन हैं , हालाँकि राहुल की खटिया कितना रंग लाती है वो कुछ दिनों में पता चल जायेगा, पर जब राहुल की खटिया को उड़ते हुए देखा तो शहंशाह अमर सिंह का खुराफाती दिमाग काम आया, और सामने आ गयी चाचा भतीजे की नौटंकी और सारा मीडिया इसी चाचा भतीजे की लड़ाई दिखने में व्यस्त हो गया, और चुनाव होने तक व्यस्त रहेगा, आज हर PR एजेंसी को पता है कि चुनाव जितना है तो बस खबर में बने रहो, सही गलत का खंडन तो बाद में उनके बड़े नेता कर ही देंगे।
जहाँ तक मैं मुलायम और मुलायम परिवार को जानता हूँ, उनमे लाख असमानताए होने के बावजूद भी वो घर का झगड़ा कभी सड़क पर लेकर नही आएंगे, और ऐसे सारे झगडे चारदीवारी के अंदर नेता जी द्वारा सुलझा दिए जाते हैं, पर अब ऐसा क्यों हो रहा है? वो भी अचानक चुनावी समय में ?
जहाँ तक मेरी समझ है इन सबके पीछे अमर सिंह का गुणा गणित काम कर रहा है, उसके पीछे एक सबसे बड़ा कारण है सपा को गुंडों की पार्टी से नवाजा जाना, और ये पाप सिर्फ और सिर्फ अखिलेश धो सकते हैं, क्युकि अभी तक उनपे ऐसे कोई आरोप नही लगे हैं, एक मासूम, पिता का आज्ञाकारी युवा की छवि बनी हुई है लोगो में, लेकिन ये छवि काजल की कोठरी में रह के धूमिल हो रही थी, उसको चमकाने का एक ही रास्ता है, सयाने को कोठरी से बागी बना दो, एक बेचारे वाली छवि जनता के सामने रख दो, और साथ साथ ये भी दिखाने की कोशिश की जा रही है कि अखिलेश की अलग सेना है, और अगली सरकार में यही साफ सुथरी सेना रहेगी , वो अपने मकसद में काफी हद तक कामयाब भी रहे हैं, बस थोड़ी सी ग़लतफ़हमी उनके कार्यकर्ताओ में जरूर फैली है, और अगर वो ग़लतफ़हमी दूर नही की गयी तो खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है।
जहाँ तक मैं अनुभव कर रहा हूँ अभी भी सपा लड़ाई में सबसे आगे है, और अगर बीजेपी बस लोगो को अंदर बहार करने में ही लगी रही तो ये आगे रहेंगे भी, क्योंकि कुछ अच्छे काम अखिलेश ने किये तो जरूर हैं और लोग उस बात को मानते भी हैं, बस सबकी शिकायत गुंडाराज को लेकर थी, उसे भी ये नौटंकी कर के दूर कर दिया गया है, बीजेपी के सबसे बड़ा मुदा सपा ने उससे छीन लिया है, बीजेपी जिस गुंडाराज के बुते चुनाव जितने का सपने देख रही थी उसे अमर सिंह के तंत्र मंत्र ने तार तार कर दिया है , और बाकि रही सही कसर श्रीकांत शर्मा जैसे लोग पूरी कर देंगे। बाकि जो है सो हइये है !!