Tuesday, 4 February 2020

क्या कहता है संविधान?

                                                 Series 1  (कौन चुनता है मुख्यमंत्री/प्रधानमंत्री )

आज एक प्रदेश के मुखिया को यह कहते सुना कि जनतंत्र में मुख्यमंत्री चुनना जनता का अधिकार है?  क्या ऐसा सच में है?
            इसमे कोई दो राय नहीं कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहाँ प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से सारे चुनाव जनता ही करती है पर क्या संविधान इस बात की ईजा जत देता कि देश की जनता प्रदेश में मुख्यमंत्री और देश में प्रधानमंत्री चुने?
            जहाँ एक तरफ अनुच्छेद 164(1) कहता है कि Chief Minister shall be appointed by the Governer यानि कि मुख्यमंत्री राज्य के राज्यपाल द्वारा नियुक्त किया जाएगा,  वहीं Representation of People Act 1951 की धारा 15 इलेक्शन ऑफ स्टेट लेजिस्लेटिव असेंबली की बात करता है, पर कहीं भी यह नहीं लिखा है कि मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री का चुनाव सीधे जनता करती है. कई सारे मामलों में उच्चतम न्यायालय और सरकारिया कमिशन ने हालांकि मुख्यमंत्री की नियुक्ति और सरकार बनाने के लिए किसको न्योता देना चाहिए, इस बारे में कई observation दिए हैं परन्तु अगर आप संविधान और Representation of people act 1951  खंगाले तो कहीं भी यह नहीं पायेंगे कि मुख्यमंत्री और प्रधान मंत्री का चुनाव जनता करती है.. अगर ऐसा होता तो श्री मनमोहन सिंह, अखिलेश यादव जैसे नेता कभी भी देश के प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री नहीं होते
          संविधान के अनुसार देश का कोई भी नागरिक जिसकी उम्र 25 वर्ष से ज्यादा हो मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री नियुक्त किया जा सकता है, यह एक न्यूनतम अर्हता है जिसमें कहीं भी विधानसभा, परिषद, संसद का सदस्य होना जरूरी नहीं है (हालांकि 6 महीने के अंदर उन्हें इनमे से किसी एक का सदस्य बनना पड़ता है), तो अब जब भी कोई नेता आपसे मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री चुनने को कहे तो एक बार उससे यह सवाल जरूर करियेगा कि संविधान की कौन सी धारा या अनुच्छेद हमें सीधा प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार देती है?

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